Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी

Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी

Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी नमस्कार दोस्तों मेरा नाम Shivu है और HindiZIla.com में आपका स्वागत है आज मैं आपके बीच एक महापुरुष Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी लेकर आया हूं तो आइए शुरू करते हैं।

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan भारत के पहले उप राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे वे भारतीय संस्कृति के संवाहक प्रख्यात शिछा वेद महान दार्श्निक और एक महान विचारधारक थे।

उनके इन्ही गुंडो के कारण सं 1954 में भारत सरकार ने सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से पुरस्कृत किया था उनका जन्म दिन भारत में Teacher’s Day के रूप में मनाया जाता है।

Dr Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी

Sarvepalli Radhakrishnan - सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी
Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी

पूरा नाम

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन

पिता का नाम

सर्वपल्ली वीर स्वामी

माता का नाम

सीताम्मा

पत्नी

शिवकामु

संतान

5 लड़की और 1 लड़का

जन्म तारीख

5 सितंबर 1888

जन्म स्थान

तिरुत्तनी, तमिलनाडु, भारत

भाई बहन

चार भाई एक बहन

मृत्यु तिथि

17 अप्रैल 1975

आयु

86 वर्ष

व्यवसाय

राजनीति, दार्शनिक, शिक्षाविद, विचारक

धर्म

हिन्दू


Sarvepalli Radhakrishnan की शुरुआती जीवन

 

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी गांव तिरुत्तनी मद्रास में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पुरखे सर्वपल्ली नामक गांव में रहते थे इसलिए राधाकृष्णन के परिवार के सभी लोग अपने नामों के आगे सर्वपल्ली उपनाम लगाते थे 

राधाकृष्णन के पिता का नाम सर्वपल्ली वीरा स्वामी और माता का नाम सीताम्मा था राधाकृष्णन के चार भाई और एक बहन थी साधारण परिवार में जन्मे Sarvpalli Radhakrishnan  का बचपन तिरुतनी और तिरुपति जैसे धार्मिक अस्थल पर बिता

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जैसे की आपको पता है पहले के समय में कम उम्र में ही शादी हो जाती थी उसी तरह Sarvpalli Radhakrishnan जी की भी शादी बहुत जल्दी हो गयी थी सन 1903 में हुई थी और इनकी उम्र मात्र 16 वर्ष की थी जबकि इनकी जो धर्म पत्नी थी जिनका नाम था सिवाकामू जिनकी उम्र मात्र 10 वर्ष की थी 

सिवाकामू की अच्छी बात यह थी की सभी गुण थे उनमे लेकिन उन्हें अंग्रेजी का बहुत अच्छा ज्ञान था अंग्रेजी के साथ साथ उन्हें तेलगु का भी अच्छा ज्ञान था जो वो बहुत अच्छा जानती थी 1908 में इनकी एक बेटी भी हुई थी


Dr. Sarvpalli Radhakrishnan विद्यार्थी जीवन


Sarvpalli Radhakrishnan बचपन से ही मेधावी छात्र थे उनको क्रिश्चियन मिशनरी संस्था लुथर्न मिशन स्कूल तिरुपति में 1896 – 1900 के मध्य पढ़ने के लिए भेजा गया मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज मद्रास से उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की Sarvepalli Radhakrishnan बचपन से ही इनको किताब पढ़ने का बहुत सौक था

स्नातक की परीछा 1904 के कला वर्ग में प्रथम श्रेणी में पास की Psychology, History और Mathematics में विशेष योग्यता प्राप्त की उन्होंने बाइबिल का भीअध्ययन किया क्रिश्चियन कॉलेज में उनको छात्रवृति मिली 
 
1916 में राधाकृष्णन ने दर्शनशास्त्र में M.A किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में दर्शनशास्त्र के सहायक पद पर नौकरी पा ली अपने लेखो के द्वारा पूरी दुनिया को भारतीय दर्शन शास्त्र से परिचित करवाया 
 

Dr Radhakrishnan राजनितिक जीवन

 

1947 में अपने ज्ञान और प्रतिभा के कारण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को सविधान निर्मात्री सभा का सदस्य बनाया गया उनको अनेक विश्वविद्यालय का चेयरमैन बनाया गया हमेशा से ही इनका स्वभाव बहुत ही अच्छा रहा था
 
वाइस चांसलर, चांसलर तमाम अच्छे पद इनके नाम के साथ जुड़े हुए है जब जवाहरलाल नेहरू ने आजादी के बारे में बताया था उस समय जैसी को नहीं पता था सिवाय इनके
 
और जब भी मीटिंग होती थी तो 10 बजे के बाद ये मना कर देते कियोंकि 10 बजे इनके सोने का टाइम होता था ऐसा इनके बारे में बताया जाता है 
1952 में सोवियत संग बनने के बाद उपराष्ट्रपति के पद पर कार्यकाल 1952-1962  Dr. Sarvpalli Radhakrishnan जी का संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति एक नया पद से सम्मानित किया गया था और उपराष्ट्रपति बनाया गया था 
जवाहरलाल नेहरू ने इनको यह पद दिया था तो सब लोग चौक गए थे वह लोग सोच रहे थे कि कोई कांग्रेस पार्टी का ही होगा जिसे उपराष्ट्रपति बनाया गया है लेकिन वहां पर नाम आ गया था
 
 
Sarvpalli Radhakrishnan जी का तब बहुत लोग इन पर संदेह कर रहे थे की क्या यह इस पद को संभाल पाएंगे या नहीं संभाल पाएंगे लेकिन इसको भी Sarvpalli Radhakrishnan जी ने कुशलता पूर्वक पूरा किया
 
और अपना नाम किया सभी लोगों का इन पर विश्वास बन गया सभी ने इनके कार्य को सराहा और इनके विनोदी स्वभाव के कारण हम सभी आज भी इन्हें याद करते हैं 
भारत के द्वितीय राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 1962-1967 
 

Honorary Degrees Dr. Award मानद उपाधियां डॉ. डिग्री अवार्डेड 

 

  • सन 1931 से 1936 तक आंध्र विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे 
  • ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में 1936 से 1952 तक प्राध्यापक रहे 
  • कोलकाता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में सन 1937 से 1941 तक कार्य किया 
  • सन 1939 से 1948 तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चांसलर रहे 
  • सन 1946 में यूनेस्को ने भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं 
  • सन 1953 से 1962 तक दिल्ली विश्वविद्यालय के चांसलर
भारत रत्न और अन्य पुरस्कार 

 

  • ब्रिटिश सरकार ने सन 1913 में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को “Sir” की उपाधि प्रदान की 
  • सन 1954 में राष्ट्रपति बनने पर Sarvepalli Radhakrishnan को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से पुरस्कृत किया था
  • सन 1975 में इनको अमेरिकी सरकार द्वारा टेंपलटन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था 
  • सन 1933 से 1937 साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए पांच बार नामांकित

Teacher’s Day शिक्षक दिवस 

 

Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी
Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी
 

हर साल 5 सितंबर को भारत में टीचर्स डे मनाया जाता है इस दिन को आप उनलोगो के लिए प्यार और सम्मान दर्शाते है जिनसे आपको कुछ खास सिखने को मिला है जिनके लिए आप सम्मान प्रकट करते है
 
 
स्कूल टीचर्स, से लेकर कॉलेज प्रोफेसर, तक ट्रेनर से लेकर कोच तक चाहे वो किसी भी छेत्र के टीचर हो इस दिन भारत के Vice President और दूसरे President Sarvepalli Radhakrishnan का जन्म हुआ था उनका जन्म दिन भारत में टीचर डे के तौर पर मनाया जाता है
 
पर हम ये नहीं जानते की उन्ही के जन्म दिन पर टीचर्स डे क्यों मनाया जाता है ? और इतिहास में वह कौन सा किस्सा हुआ था जो भारत में 5 सितम्बर को Teachers Day मनाया जाता है
 
 
सर्वपल्ली राधा कृष्णन भारत शिछक और महान फिलॉस्फर थे पॉलिटिक्स जोइने करने से पहले वो 40 साल तक टीचर रहे थे वो Oxford University में भी Professor रह चुके है
 

मद्रास स्कूल से इन्होने फिलॉसफी (Philosophy) पढ़ानी शुरू की और यही से उनका Teaching Career शुरू हुआ था इसके बाद वो University of Mysore में फिलॉसफी (Philosophy) पढ़ाने गए
साथ ही वो जो आर्टिकल लिखते थे वो पुरे World में पढ़े जाते थे और दिन पर दिन वे फिलॉसफी (Philosophy) के छेत्र में कुछ बड़ा कर रहे थे इसके बाद उन्होंने दो किताबे लिखे जिनमे से एक किताब का नाम था
  • द फिलॉसफी ऑफ रवींद्रनाथ टैगोर (The Philosophy of Rabindranath Tagore)
इसके बाद इनको हावर्ड विश्वविद्यालय (Howard University) और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford) में लेक्चर देने के लिए Invite भी किया था dr radhakrishnan पूरी दुनिया को ही एक विद्यालय के रूप में देखते थे
 
इसके बाद उनका Political Career शुरू हुआ जहा वो हमेशा Indian culture की रक्षा  करते हुए नजर आते थे

Dr Radhakrishnan जी वेस्टर्न कल्चर (Western culture) के खिलाफ थे की हमरे Indian culture को दबा रहा है
सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन के दिन टीचर्स डे इसलिए मनाया जाता है क्यों जब वो 1962 में भारत के राष्ट्रपति (President) थे तब उनके Friends और कुछ Students ने Sarvepalli Radhakrishnan से उनकी जन्म दिन मानाने की अनुमति ली

इस पर उन्होंने कहा की मेरे जन्म दिन के दिन जश्न सिर्फ मेरे लिए नहीं होना चाहिए बल्कि सभी टीचर्स के लिए होगा तो मुझे बहुत गर्व महसूस होगा तब देश में 5 September 1962 को Teacher Day मनाया गया  था 
 
 
राधाकृष्णन की रचनाएं  (Work By Dr Sarvepalli Radhakrishnan)
 
  • 1918 रवींद्रनाथ टैगोर मैकमिलन, लंदन का दर्शन
  • 1923 भारतीय दर्शन
  • 1926 द हिंदू व्यू ऑफ़ लाइफ
  • 1929 जीवन का एक आदर्श दृष्टिकोण
  • 1939 पूर्वी धर्म और पश्चिमी विचार
  • 1947 धर्म और समाज
  • 1950 धम्मपद
  • 1953 प्रमुख उपनिषद
  • 1956 विश्वास की वसूली
  • 1957 भारतीय दर्शन में एक स्रोतपुस्तिका
  • 1968 धर्म, विज्ञान और संस्कृति
 
सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मृत्यु (Dr Sarvepalli Radhakrishnan Death)

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मृत्यु 17 April 1975 को एक लंबी बीमारी के बाद Heart failure से हुई थी उनका मानना था की पढ़ाई के द्वारा ही इंसान के दिमाग का सही प्रयोग किया जा सकता है

पूरी दुनियां में उनके लेखो को काफी प्रसनसा की है सर्वपल्ली राधा कृष्णन भारत को Education की क्षेत्र में नयी उचाई पर ले जाने में अहम् भूमिका निभाई है  

दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आप को Sarvepalli Radhakrishnan – सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारे इस HindiZila.com Blog पर daily visit करें धन्यवाद!

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